आज से शुरू हो गए हैं शारदीय नवरात्रि, दुर्गा सप्तशती के पाठ से होगा लाभ

आज से शुरू हो गए हैं शारदीय नवरात्रि

हिंदू धर्म में सबसे विशेष त्योहार नवरात्रि को भी माना जाता है। इस दौरान लोग देवी के नौ स्वरूपों की आराधना कर उनसे आशीर्वाद मांगते हैं।  यह त्योहार सुख, समृद्धि और संपन्नता के लिए माता दुर्गा के भक्त नौ दिनों के उपवास रखते हैं । ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से देवी प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना होता है लाभकारी

मनुष्य का जीवन चुनौतियों से भरा होता है। खासकर गृहस्थ आश्रम में व्यक्ति के समक्ष अनगिनत समस्याएं होती हैं। कोई न कोई परेशानी सदैव बनी ही रहती है। नकारात्मक शक्तियों से भय, कानूनी मुकदमों  में हार के डर इत्यादि से उबरने के लिए मां महाकाली के दुर्गासप्तशती के प्रथम चरित्र का पाठ करना या सुनना चाहिए। आर्थिक समस्याओं जैसे कि बेरोजगारी, कर्ज की समस्या, व्यापार में हानि, जीवन में अस्थिरता, स्वास्थ समस्या से उबरने के लिए मां महालक्ष्मी की पूजा और मध्यम चरित्र का पाठ करना या सुनना चाहिए।
तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता, पढ़ने और परिश्रम के बावजूद फल न मिलने से परेशान विद्यार्थियों को मां सरस्वती की पूजा अर्चना और उत्तम चरित्र का पाठ करना चाहिए।जीवन की तमाम परेशानियों से छुटकारे के लिए और शांति एवं सुख के लिए संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या सुनना चाहिए।नवरात्रि सकारात्मकता को लाने वाला और नकारात्मकता को दूर करने वाला  त्योहार  है। व्यक्ति को अपने भीतर के अंधेरे को मिटाने के लिए मां दुर्गा की उपासना करनी चाहिए। मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करती हैं और सुख समृद्धि देती हैं।

17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक है शारदीय नवरात्रि

इस बार शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक है। 26 अक्टूबर को विजयदशमी यानि दशहरा मनाया जाएगा। नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है।

माता के नौ रूप

दिन                                          तिथि                      माता का स्वरूप
नवरात्रि दिन 1– प्रतिपदा         17 अक्टूबर                      माँ शैलपुत्री (घट-स्थापना)
नवरात्रि दिन 2– द्वितीय          18 अक्टूबर                      माँ ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि दिन 3– तृतीया          19 अक्टूबर                      माँ चंद्रघंटा
नवरात्रि दिन 4– चतुर्थी           20 अक्टूबर                     माँ कुष्मांडा
नवरात्रि दिन 5– पंचमी           21 अक्टूबर                      माँ स्कंदमाता
नवरात्रि दिन 6– षष्ठी             22 अक्टूबर                     माँ कात्यायनी
नवरात्रि दिन 7– सप्तमी          23 अक्टूबर                     माँ कालरात्रि
नवरात्रि दिन 8– अष्टमी          24 अक्टूबर                     माँ महागौरी (महा अष्टमी, महा नवमी पूजा)
नवरात्रि दिन 9– नवमी           25 अक्टूबर                     माँ सिद्धिदात्री
नवरात्रि दिन 10– दशमी         26 अक्टूबर                    दुर्गा विसर्जन (दशहरा)
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